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SSS-FOUNDATION RURAL SELF-EMPLOYMENT SERVICES.

SSS- KISAN SEVA KENDRA.

SSS-WOMEN TRAINING CENTRE.

SSS-WOMEN TRAINING CENTRE.

  • SSS – किसान सेवा केंद्र एक आधुनिक और भरोसेमंद पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को डिजिटल तकनीक, जानकारी और सेवाओं से जोड़कर उनकी आय और जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। आज के बदलते दौर में खेती सिर्फ परंपरागत तरीकों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसमें नई तकनीकों, ऑनलाइन सेवाओं और बाजार की सही जानकारी की आवश्यकता होती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए SSS – किसान सेवा केंद्र किसानों के लिए एक वन-स्टॉप समाधान के रूप में कार्य करता है।
    हमारा केंद्र किसानों को कृषि से जुड़ी हर प्रकार की सहायता प्रदान करता है, जैसे कि आधुनिक खेती के तरीके, जैविक खेती (Organic Farming) का प्रशिक्षण, फसल उत्पादन बढ़ाने के उपाय, और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी। इसके साथ ही, हम किसानों को ऑनलाइन सरकारी सेवाओं जैसे किसान पंजीकरण, फसल बीमा, सब्सिडी आवेदन और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में आवेदन करने में मदद करते हैं, ताकि वे समय पर लाभ प्राप्त कर सकें।
    SSS – किसान सेवा केंद्र किसानों को बाजार से जोड़ने का भी काम करता है। हम उन्हें उनके उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचने के लिए मार्गदर्शन देते हैं, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके। इसके अलावा, हम ई-कॉमर्स सुविधाएं, डिजिटल भुगतान सेवाएं और बैंकिंग सहायता भी उपलब्ध कराते हैं, जिससे किसान आसानी से अपने वित्तीय कार्यों को संभाल सकें।
    हमारा केंद्र किसानों को नई तकनीकों जैसे मोबाइल ऐप्स, डिजिटल मार्केटिंग और स्मार्ट खेती के उपकरणों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित करता है। इससे किसान अपनी खेती को अधिक लाभदायक और टिकाऊ बना सकते हैं। साथ ही, हम समय-समय पर ट्रेनिंग प्रोग्राम और वर्कशॉप आयोजित करते हैं, जिससे किसानों को नई जानकारियां और कौशल प्राप्त होते रहें।
    SSS – किसान सेवा केंद्र का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। हम चाहते हैं कि किसान सिर्फ उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि अपने उत्पादों का सही मूल्य प्राप्त करें और एक सफल उद्यमी बनें। हमारी सेवाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करती हैं, बल्कि उन्हें आधुनिक युग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए भी प्रेरित करती हैं।
    आइए, SSS – किसान सेवा केंद्र के साथ जुड़ें और अपने कृषि व्यवसाय को एक नई दिशा दें। यह सिर्फ एक सेवा केंद्र नहीं, बल्कि किसानों के उज्जवल भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है।

SSS-WOMEN TRAINING CENTRE.

SSS-WOMEN TRAINING CENTRE.

SSS-WOMEN TRAINING CENTRE.

  • SSS – महिला स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र एक सशक्त पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। आज के समय में महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी सोच के साथ यह केंद्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करता है।

    इस केंद्र में महिलाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण दिए जाते हैं, जैसे सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, फूड प्रोसेसिंग, हैंडीक्राफ्ट, अगरबत्ती निर्माण, पैकिंग कार्य, डिजिटल सेवाएं और छोटे व्यवसाय शुरू करने के तरीके। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को इस योग्य बनाना है कि वे घर बैठे या छोटे स्तर पर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और नियमित आय अर्जित कर सकें।

    SSS – महिला स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए पूरी सहायता भी प्रदान करता है। केंद्र द्वारा महिलाओं को लोन आवेदन, बैंकिंग सेवाएं, सरकारी योजनाओं की जानकारी और मार्केट से जुड़ने में मदद दी जाती है। इसके माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों को बाजार में बेचने के लिए सही प्लेटफॉर्म और अवसर प्राप्त कर पाती हैं।

    इसके साथ ही, केंद्र महिलाओं को डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy) से भी जोड़ता है, ताकि वे मोबाइल, इंटरनेट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सही उपयोग कर सकें। आज के डिजिटल युग में यह बहुत जरूरी है कि महिलाएं तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलें और अपने व्यवसाय को ऑनलाइन माध्यम से भी आगे बढ़ाएं।

    हमारा उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति विकसित करना है। केंद्र समय-समय पर वर्कशॉप, सेमिनार और मोटिवेशनल प्रोग्राम भी आयोजित करता है, जिससे महिलाएं नई चीजें सीख सकें और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

    SSS – महिला स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र महिलाओं को एक सुरक्षित और प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करता है, जहां वे अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखार सकती हैं। यहां हर महिला को आगे बढ़ने का समान अवसर दिया जाता है, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से क्यों न हो।

    आइए, SSS – महिला स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र के साथ जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएं और अपने सपनों को साकार करें। यह केंद्र नारी शक्ति को सशक्त बनाने और एक उज्जवल भविष्य की दिशा में एक मजबूत प्रयास है।

SSS- SOLAR SYSTEM

SSS-WOMEN TRAINING CENTRE.

SSS-ORGANIC FORMING.

  • SSS के माध्यम से “पीएम सूर्य घर योजना” के तहत लोगों को सौर ऊर्जा (Solar Energy) से जोड़कर बिजली खर्च कम करने और आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जाता है। यह योजना भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य देश के करोड़ों घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सस्ती एवं मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना है। इस योजना के माध्यम से विशेष रूप से उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ग्रामीण और शहरी परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।

    योजना के मुख्य लाभ -
    पीएम सूर्य घर योजना के तहत लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण फायदे मिलते हैं। सबसे बड़ा लाभ यह है कि घर की छत पर सोलर पैनल लगाने से हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्राप्त की जा सकती है, जिससे बिजली बिल में भारी कमी आती है।

    इसके अलावा, यह योजना पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है क्योंकि इससे स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ता है। सोलर सिस्टम लगाने के बाद अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर आय भी अर्जित की जा सकती है। इस योजना से छोटे व्यवसाय, ग्रामीण उद्योग और घरों की आय में भी वृद्धि होती है।

    सब्सिडी (Subsidy) का विवरण – उत्तर प्रदेश।
    उत्तर प्रदेश में इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक सहायता (सब्सिडी) दी जाती है, जिससे सोलर पैनल लगाने की लागत कम हो जाती है।

    1 किलोवाट (kW) तक – लगभग ₹30,000.
    2 किलोवाट तक – लगभग ₹60,000.
    3 किलोवाट तक – लगभग ₹78,000.
    3 kW से अधिक – अधिकतम 40% तक सब्सिडी (सीमा ₹78,000)

    इसके अलावा, कुछ मामलों में 2 kW तक के सिस्टम पर 60% तक और 2–3 kW के बीच 40% तक सहायता भी दी जाती है, जिससे आम नागरिकों के लिए सोलर सिस्टम लगाना आसान हो जाता है।

    • पात्रता (Eligibility) : इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें जरूरी हैं:

    1- आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
    2- उसके पास अपना घर और छत होनी चाहिए।
    3- वैध बिजली कनेक्शन होना चाहिए।
    4- पहले किसी सोलर सब्सिडी का लाभ न लिया हो।

    • आवेदन प्रक्रिया (Apply Process) :  SSS – डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से इस योजना में आवेदन आसानी से किया जा सकता है। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:

    1. आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें।
    2. अपने राज्य, बिजली कनेक्शन और उपभोक्ता नंबर की जानकारी भरें।
    3. आवेदन फॉर्म जमा करें।
    4. DISCOM से अनुमोदन प्राप्त करें
    5. रजिस्टर्ड वेंडर से सोलर सिस्टम लगवाएं
    6. नेट मीटरिंग के लिए आवेदन करें
    7. इंस्टॉलेशन के बाद बैंक खाते में सब्सिडी प्राप्त करें -:

    • आवश्यक हेतु दस्तावेज :-
    • आधार कार्ड।
    • बिजली बिल।
    • मकान का प्रमाण।
    • बैंक खाता विवरण।
    • पासपोर्ट साइज फोटो।


  • निष्कर्ष :- SSS – पीएम सूर्य घर योजना लोगों को सस्ती और मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्तर प्रदेश में यह योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है और लाखों परिवार इसका लाभ उठा रहे हैं। यह योजना न केवल बिजली बिल कम करती है, बल्कि रोजगार, आय और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।

  • आइए, SSS के साथ जुड़कर इस योजना का लाभ उठाएं और अपने घर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएं।

SSS-ORGANIC FORMING.

SSS-ORGANIC FORMING.

  • SSS – प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान :-
    SSS द्वारा संचालित “प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान” किसानों को रसायन मुक्त, टिकाऊ और लाभकारी खेती की ओर प्रेरित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। आज के समय में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घट रही है, जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं और किसानों की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में प्राकृतिक खेती एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है, जो कम लागत में बेहतर उत्पादन और स्वास्थ्यवर्धक फसल प्रदान करती है।

    इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों और तकनीकों से अवगत कराना है। इसके तहत किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, मल्चिंग और वर्मी कम्पोस्ट जैसी विधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही, देशी गाय आधारित खेती, जैविक खाद निर्माण और प्राकृतिक कीट नियंत्रण के तरीकों की भी जानकारी दी जाती है, जिससे किसान रसायनों पर निर्भरता कम कर सकें।

    SSS प्रशिक्षण कार्यक्रमों में किसानों को प्रायोगिक (Practical) तरीके से सिखाया जाता है, ताकि वे अपने खेतों में इन तकनीकों को आसानी से लागू कर सकें। समय-समय पर फील्ड विजिट, डेमो प्लॉट और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, जिससे किसानों को वास्तविक अनुभव प्राप्त हो और वे अपने संदेहों का समाधान कर सकें।

    इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू जागरूकता फैलाना भी है। SSS गांव-गांव जाकर किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में जानकारी देता है, जैसे कि मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन लागत में कमी, फसलों की गुणवत्ता में वृद्धि और बाजार में बेहतर कीमत मिलना। इसके अलावा, प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलते हैं।

    SSS किसानों को उनके उत्पादों को सही बाजार तक पहुंचाने में भी सहयोग करता है। इसके लिए उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, स्थानीय मंडियों और डायरेक्ट सेलिंग के माध्यम से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। साथ ही, किसानों को ब्रांडिंग और पैकेजिंग के बारे में भी मार्गदर्शन दिया जाता है, ताकि वे अपने उत्पादों को एक पहचान दे सकें।

    इस अभियान के माध्यम से SSS का लक्ष्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और खेती को एक लाभदायक व्यवसाय में बदलना है। प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    आइए, SSS – प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण एवं जागरूकता अभियान के साथ जुड़ें और स्वस्थ, सुरक्षित तथा समृद्ध खेती की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाएं।

SSS-DIGITAL SEVA KENDRA.

  • SSS – डिजिटल सेवा केंद्र (Digital Seva Kendra) -

    SSS – डिजिटल सेवा केंद्र एक आधुनिक और बहुउद्देश्यीय सुविधा केंद्र है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लोगों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है। आज के डिजिटल युग में कई सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी और संसाधनों की कमी के कारण लोग इन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते। SSS – डिजिटल सेवा केंद्र इस दूरी को कम करने का कार्य करता है और लोगों को सरल, सुरक्षित और तेज सेवाएं प्रदान करता है।

    इस केंद्र में बैंकिंग सेवाओं की सुविधा उपलब्ध होती है, जिसमें पैसे जमा करना, निकासी करना, बैलेंस चेक, मिनी स्टेटमेंट, आधार आधारित भुगतान (AEPS), और धन हस्तांतरण (Money Transfer) जैसी सेवाएं शामिल हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती और वे अपने गांव में ही आसानी से वित्तीय कार्य कर सकते हैं।

    इसके अलावा, SSS – डिजिटल सेवा केंद्र पर विभिन्न सरकारी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। जैसे आधार कार्ड सेवाएं, पैन कार्ड आवेदन, आय/जाति/निवास प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाएं, किसान पंजीकरण, बिजली बिल भुगतान, और अन्य सरकारी योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलती है और समय की बचत होती है।

    डिजिटल सेवा केंद्र में शॉपिंग और ई-कॉमर्स सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं, जिससे ग्रामीण ग्राहक Flipkart, Amazon, JioMart जैसे प्लेटफॉर्म से सामान मंगवा सकते हैं। इसके साथ ही, ट्रैवल सेवाओं के अंतर्गत ट्रेन, बस और फ्लाइट टिकट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे लोगों को शहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

    SSS – डिजिटल सेवा केंद्र डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा देता है। यहां लोगों को मोबाइल, इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं का सही उपयोग सिखाया जाता है, जिससे वे खुद भी इन सेवाओं का लाभ उठा सकें। इसके साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे वे डिजिटल क्षेत्र में काम कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।

    यह केंद्र केवल सेवाएं प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास का एक मजबूत आधार बन चुका है। SSS – डिजिटल सेवा केंद्र लोगों के जीवन को आसान बनाते हुए उन्हें डिजिटल इंडिया की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

    आइए, SSS – डिजिटल सेवा केंद्र के साथ जुड़ें और एक ही जगह पर सभी सुविधाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को सरल, तेज और आधुनिक बनाएं।

SSS-POULTRY FORMING.

  • SSS – मुर्गी पालन केंद्र (कुक्कुट उत्पादन) स्वरोजगार प्रशिक्षण अभियान :-
  • SSS – मुर्गी पालन केंद्र (कुक्कुट उत्पादन) द्वारा संचालित स्वरोजगार प्रशिक्षण अभियान ग्रामीण एवं शहरी युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का एक प्रभावी माध्यम है। आज के समय में कुक्कुट पालन एक तेजी से बढ़ता हुआ व्यवसाय है, जिसमें कम लागत में अधिक लाभ की संभावनाएं होती हैं। इसी उद्देश्य के साथ SSS इस प्रशिक्षण अभियान के माध्यम से लोगों को वैज्ञानिक तरीके से मुर्गी पालन सिखाकर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करता है।
  • इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मुर्गी पालन से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां दी जाती हैं, जैसे सही नस्ल का चयन, शेड (पोल्ट्री फार्म) का निर्माण, चूजों की देखभाल, संतुलित आहार प्रबंधन, टीकाकरण और रोग नियंत्रण के उपाय। इसके साथ ही, अंडा उत्पादन और ब्रॉयलर (मांस उत्पादन) दोनों प्रकार की पोल्ट्री फार्मिंग के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि व्यक्ति अपनी रुचि और बाजार की मांग के अनुसार व्यवसाय शुरू कर सके।
  • SSS – मुर्गी पालन केंद्र में प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक नहीं, बल्कि प्रायोगिक (Practical) भी होता है। प्रतिभागियों को लाइव डेमो, फार्म विजिट और वास्तविक अनुभव के माध्यम से सिखाया जाता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके अलावा, उन्हें बाजार से जुड़ने, उत्पाद की बिक्री, लागत प्रबंधन और लाभ बढ़ाने के तरीके भी समझाए जाते हैं।
  • इस अभियान के तहत SSS प्रतिभागियों को व्यवसाय शुरू करने में सहयोग भी प्रदान करता है। इसमें बैंक लोन, सरकारी योजनाओं की जानकारी, सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता में सहायता शामिल है। इससे नए उद्यमियों के लिए व्यवसाय शुरू करना आसान हो जाता है और वे कम जोखिम में अधिक लाभ कमा सकते हैं।
  • मुर्गी पालन व्यवसाय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे कम जगह और कम पूंजी में शुरू किया जा सकता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से लाभकारी है, जहां लोग अपने घर के पास ही छोटा फार्म स्थापित कर सकते हैं। इससे नियमित आय के साथ-साथ पोषण (प्रोटीन युक्त अंडे और मांस) की उपलब्धता भी सुनिश्चित होती है।
  • SSS – मुर्गी पालन केंद्र का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। यह अभियान बेरोजगारी कम करने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


  • आइए, SSS – मुर्गी पालन केंद्र (कुक्कुट उत्पादन) के साथ जुड़ें और स्वरोजगार की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाकर अपने भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाएं।

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SSS- FOUNDATION (SHWETA SHIKSHA SAMITI)

कार्यालय : सैदाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश।

श्वेता शिखा समिति' जहाँ हर कदम आत्मनिर्भरता को ओर!

प्रशासनिक कार्यालय :-

B1/93, Shanti Puram Colony, Phaphamau, Uttar Pradesh:211013 India

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