महिला सशक्तिकरण — हर कदम आत्मनिर्भरता की ओर
Women Empowerment through SHG, Skill Training & Micro-Enterprise
स्वयं सहायता समूह • कौशल प्रशिक्षण • स्वरोजगार
महिला डेस्क देखेंकिसान FPO — खेती से समृद्धि की राह
Farmer Producer Organisations, Natural Farming & Agri-Livelihood Support
प्राकृतिक कृषि • पशुपालन • किसान उत्पादक संगठन
कृषि डेस्क देखेंस्वरोजगार — युवाओं का भविष्य, गाँव का विकास
Self-Employment, Skill Development & Digital Services for Rural Youth
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हमारी प्रतिबद्धता,
मिशन के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, किसानों, पशुपालकों, बेरोजगार व्यक्तियों, स्वयं सहायता समूहों, किसान समूहों, सूक्ष्म उद्यमियों तथा अन्य पात्र समुदायों को आवश्यकता के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
मिशन का विशेष ध्यान युवा उद्यमिता, महिला आर्थिक सशक्तिकरण, कृषि-आधारित मूल्य संवर्धन, पशुधन आधारित आय विविधीकरण, स्थानीय रोजगार सृजन और ग्रामीण सूक्ष्म उद्यमों की स्थिरता पर रहेगा।
हमारे प्रमुख जनकल्याणकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम.
ग्रामीण स्वरोजगार एवं कौशल विकास प्रशिक्षण!
ग्रामीण स्वरोजगार एवं उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम.
स्थानीय संसाधन एवं बाजार आधारित उद्यम अवसरों की पहचान.
कौशल विकास एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण I
सूक्ष्म व्यवसाय योजना एवं परियोजना प्रतिवेदन तैयारी.
कृषि एवं कृषि-आधारित सूक्ष्म उद्यमों का विकास.
पशुपालन, डेयरी, बकरी पालन, ग्रामीण पोल्ट्री एवं चारा आधारित उद्यमिता।
जैविक कृषि, वर्मी कम्पोस्ट एवं जैविक इनपुट आधारित गतिविधियाँ।
खाद्य प्रसंस्करण एवं स्थानीय कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन।
महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए गृह-आधारित सूक्ष्म उद्योग।
डिजिटल विपणन एवं ई-कॉमर्स तैयारी।
वित्तीय साक्षरता, लागत निर्धारण एवं बुनियादी लेखा प्रबंधन।
बाजार सर्वेक्षण, खरीदार संपर्क एवं विपणन सहायता।
पशुधन एवं डेयरी विकाश कार्यक्रम
सशक्त किसान – समृद्ध पशुपालन – आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत
एस.एस.एस. फाउंडेशन (श्वेता शिक्षा समिति), प्रयागराज, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित पशुधन एवं डेयरी विकास कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों, किसानों, महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों को वैज्ञानिक पशुपालन, डेयरी प्रबंधन एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है।
महिला केंद्रित कार्यक्रम.
स्वयं सहायता समूह प्रशिक्षण।
घर आधारित रोजगार अवसर।
महिलाओं हेतु डेयरी एवं पशुपालन प्रशिक्षण।
जैविक खेती में भागीदारी।
वित्तीय जागरूकता एवं नेतृत्व विकास।
उत्तर प्रदेश हेतु प्रस्तावित कार्य योजना
चरण 1 – प्रशिक्षण
विशेषज्ञों द्वारा कार्यशालाएं। तकनीकी कौशल विकास प्रशिक्षण।
चरण 2 – जागरूकता
ग्रामीण समुदायों में जागरूकता अभियान। स्वरोजगार अवसरों की पहचान एवं प्रचार।
चरण 3 – उद्यम विकास
डेयरी एवं कम्पोस्ट इकाइयों की स्थापना सहयोग। स्वरोजगार मार्गदर्शन। स्वयं सहायता समूह एवं किसान उत्पादक समूह गठन। विपणन एवं बाजार संपर्क सहायता।
चरण 4 – सतत ग्रामीण विकास
नवीकरणीय ऊर्जा अपनाना। ऑर्गेनिक गांव विकास। सामुदायिक पशुधन सहायता प्रणाली। दीर्घकालिक ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण।
चरण 1 – प्रशिक्षण
विशेषज्ञों द्वारा कार्यशालाएं। तकनीकी कौशल विकास प्रशिक्षण।
चरण 2 – जागरूकता
ग्रामीण समुदायों में जागरूकता अभियान। स्वरोजगार अवसरों की पहचान एवं प्रचार।
चरण 3 – उद्यम विकास
डेयरी एवं कम्पोस्ट इकाइयों की स्थापना सहयोग। स्वरोजगार मार्गदर्शन। स्वयं सहायता समूह एवं किसान उत्पादक समूह गठन। विपणन एवं बाजार संपर्क सहायता।
चरण 4 – सतत ग्रामीण विकास
नवीकरणीय ऊर्जा अपनाना। ऑर्गेनिक गांव विकास। सामुदायिक पशुधन सहायता प्रणाली। दीर्घकालिक ग्रामीण आजीविका सुदृढ़ीकरण।
Support Rural Employment & Entrepreneurship
ग्रामीण रोजगार एवं उद्यमिता के मिशन में सहयोग करें
SSS Foundation का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं समुदायों को रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास एवं उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना है।
यदि आप इस मिशन में आर्थिक सहयोग देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए संस्था के बैंक खाते में सहयोग राशि जमा कर सकते हैं।
🌾 Together We Can Build a Self-Reliant Rural India
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